मार्केटिंग क्या होती है व इसे कैसे करे? जाने मार्केटिंग का मतलब, प्रकार और तरीके

आज के समय में पैसा लगाकर कोई व्यापार शुरू करना बहुत आसान (Marketing Kya Hai) है लेकिन उसे चलाना और लोगों की नज़रों में अपनी एक जगह बनाना आसान नहीं हैं। जब तक आपका ग्राहक यह नहीं जानेगा कि आप उनके लिए किस प्रकार की सेवाएं लेकर आए हैं और आपकी सेवाओं को वह कैसे प्राप्त कर सकते हैं तब तक वह आपके व्यापार के प्रति जागरूक या आकर्षित नहीं (Marketing Kaise Kare) होंगे। 

इसके लिए बहुत जरूरी है ग्राहक की नजरों में आना। अब आप सोच रहे होंगे कि आप ग्राहक की नज़रों में खुद कैसे आ सकते हैं? वैसे, बात तो सही है। जब तक ग्राहक आपके पास अपनी जरूरत को पूरा करने के लिए नहीं (Marketing In Hindi) आएगा तब तक वह नहीं जान पाएगा कि आपके पास उसे देने के लिए क्या है और क्या नहीं। ग्राहकों तक पहुंचने और उनके बीच अपनी एक जगह बनाने का सबसे सरल और बेहतरीन उपाय है मार्केटिंग। 

मार्केटिंग एक ऐसा तरीका है जिसके द्वारा आप अपने उत्पाद और अपनी सेवाओं को लोगों तक पहुंचा सकते हैं और उन्हें उनके बारे में सारी जानकारियाँ भी दे सकते हैं। इतना ही नहीं, मार्केटिंग के द्वारा आप लोगों के बीच में अपनी एक अलग पहचान बनाने में भी सफल हो सकते हैं।

जब बात मार्केटिंग की जाती है तो बहुत सारे तरीके हैं जो सामने आते हैं लेकिन यह बहुत जरूरी है कि आप मार्केटिंग का सही तरीका चुने और सिर्फ उसी तरीके को अपनाये जो आपके बजट और आपके प्रोडक्ट को सूट करता हो। तो चलिए हम आपको बताते हैं मार्केटिंग करने का सही तरीका जिसके द्वारा आप लोगों और ग्राहकों के बीच में अपनी एक पहचान बना पाएंगे।

मार्केटिंग का मतलब (Marketing Ka Arth)

मार्केटिंग एक ऐसा तरीका है जिससे व्यापारी अपने व्यापार से जुड़ी हुई जानकारियाँ ग्राहकों तक पहुँचाता है और ग्राहक अपनी आवश्यकता और अपनी इच्छा के अनुसार उस व्यापार से परिचित होते हैं। कई बार ऐसा देखा जाता है कि लोगों के पास पैसे तो बहुत होते हैं व्यापार में लगाने के लिए लेकिन सही मार्केटिंग तकनीक ना होने की वजह से उनका व्यापार नहीं चल पाता। 

ऐसे में बहुत जरूरी है यह जानना कि मार्केटिंग करने का सही तरीका क्या (Scope Of Marketing In Hindi) है। लोगों के बीच में अपनी जगह बनाने के लिए यह बहुत जरूरी है कि उन्हें आपके बारे में और आपकी सेवाओं के बारे में बताया जाए। जब तक ग्राहक आपके बारे में जानेगा नहीं तब तक वह आपके पास पहुँचेगा कैसे। कई लोग मानते हैं कि मार्केटिंग एडवरटाइजिंग, सेलिंग और प्रमोशन करने को कहते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। मार्केटिंग की जड़े और भी बहुत चीजों से जुड़ी हुई है।

मार्केटिंग में मुख्यतः 6 बातें अहम भूमिका निभाती है, इन 6 बातों को अंग्रेजी भाषा में 6 P भी कहा जाता है। आइए जानते हैं कि इन 6P का आखिर मतलब क्या है। मार्केटिंग के 6 P में निम्न चीजें आती हैं:

दोस्तों, प्रोडक्ट से हमारा मतलब है कि आपका व्यापार किस चीज से संबंधित है, मतलब वह सेवा जो आप लोगों तक पहुंचा रहे हैं अपने व्यापार के द्वारा, उसे प्रोडक्ट में जाना जाता है।

इसके बाद आता है प्राइस मतलब मूल्य। किसी भी चीज को खरीदने से पहले ग्राहक उसका मूल्य जानना पसंद करता है। अगर ग्राहक को किसी भी सेवा या प्रोडक्ट का मूल्य अपने अनुकूल लगता है तो वह उसे लेने में हिचकीचाता नहीं है। इसलिए यह भी आवश्यक है कि व्यापारी अपने उत्पाद के मूल्य का ध्यान रखें।

व्यापार शुरू करते समय यह बहुत आवश्यक है कि आप इस बात का ख्याल रखें कि जिस जगह आपका व्यापार या आपकी दुकान है उस जगह पर उस उत्पाद या सेवा की आवश्यकता है भी या नहीं। जैसे कि अगर आप एक वृद्ध आश्रम के पास छोटे बच्चों के कपड़ों का व्यापार शुरू करते हैं तो शायद आपको इतना लाभ नहीं होगा जितना आपको तब होगा जब आप वृद्ध लोगों के कपड़ों का काम करें क्योंकि उस जगह पर आपके ग्राहक बच्चों से ज्यादा वृद्ध होंगे।

प्रमोशन का मतलब है अपने व्यापार के बारे में जानकारी को फैलाना और लोगों को उसके बारे में बताना। प्रमोशन करने के बहुत सारे तरीके होते हैं जैसे की वेबसाइट बनाना, सोशल मीडिया का सहारा लेना, न्यूज़, नेटवर्किंग आदि क्षेत्रों का सहारा लेना।

इसके बाद आता है पीपल। पीपल को हिंदी भाषा में लोग कहा जाता है। यहां लोगों से हमारा मतलब ग्राहक नहीं है, लोगों से मतलब है वह व्यक्ति जिनसे आप अपने व्यापार में काम लेंगे जैसे कि आपके सप्लायर, आपके डिस्ट्रीब्यूटर, होलसेलर आदि। 

हर एक व्यापार की सफलता में कस्टमर सर्विस और मार्केटिंग प्रोसेस एक अहम भूमिका निभाते हैं। अगर आपकी कस्टमर सर्विस और मार्केटिंग प्रोसेस अच्छी है तो आपके व्यापार को सफल होने से कोई नहीं रोक सकता। अगर यह दोनों चीजें अच्छी तरह से नहीं चल रही है तो इसका सीधा असर आपके व्यापार और आपके द्वारा दी जाने वाली सेवाओं पर पड़ता है। इसलिए बहुत आवश्यक है कि प्रोसेस का भी पूरा ख्याल रखा जाए। तो दोस्तों यह थी जानकारी व्यापार से जुड़े 6P के बारे में।

मार्केटिंग करने के 10 बेस्ट तरीके (Marketing Ke Tarike)

दोस्तों, मार्केटिंग करने के बहुत से तरीके हैं जिन पर आप ध्यान दे सकते हैं। यहां हम आपको उन कुछ बेहतरीन तरीकों के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके द्वारा आप अपने व्यापार को एक नयी ऊंचाई तक ले जा सकते हैं।

#1. क्रॉस मार्केटिंग (Cross Marketing In Hindi)

इस तरह की मार्केटिंग तकनीक में व्यापारी कोशिश करता है कि वह ग्राहक हो कुछ इस तरह लुभाए कि उसे वह उत्पाद या सेवा लेने की इच्छा प्रकट हो।

#2. एंप्लॉय मार्केटिंग (Employee Marketing In Hindi)

ऐसे बहुत से व्यापारी हैं जो यह मानते हैं कि उनके एम्पलॉइस/ कर्मचारी या उनके यहां काम करने वाले उनके लिए पोटेंशियल कस्टमर और ब्रांड एंबेसडर हैं। इसी वजह से जब एम्पलॉइस उनके व्यापार से कुछ भी सामान खरीदते हैं तो वह उन्हें एक अच्छा-खासा डिस्काउंट देते हैं। साथ ही जब आप एंप्लॉय द्वारा दी गयी सेवा से संतुष्ट होते हैं उनका प्रोमोशन भी करते हैं।

#3. बिजनेस टू कस्टमर मार्केटिंग (Business To Customer Marketing In Hindi)

इस प्रकार की मार्केटिंग तकनीक में कंपनी हमेशा कोशिश करती है कि वह अपने ग्राहकों से सीधा संपर्क में आए और उन्हें ऐसे अच्छे डिस्काउंट या ऑफर प्रदान करें कि ग्राहक उनकी तरफ आकर्षित हो। इस तकनीक में कंपनी अपनी सारी स्ट्रेटजी कस्टमर के डाटा के अनुसार बनाती है।

#4. बिजनेस टू बिजनेस मार्केटिंग (Business To Business Marketing In Hindi)

बिज़नेस टू बिज़नेस मार्केटिंग में व्यापारी ग्राहकों की जगह दूसरे व्यापारियों को सेवा प्रदान करते हैं। इस प्रकार की मार्केटिंग तकनीक में भुगतान, भंडारण और अन्य चीजों का तरीका कुछ अलग होता है।

#5. डायरेक्ट सेलिंग (Direct Selling In Hindi)

डायरेक्ट सेलिंग मार्केटिंग तकनीक में व्यापारी सीधा अपने ग्राहकों के संपर्क में आकर उन्हें अपने द्वारा दी गई और इसके लाभ के बारे में बताते हैं। ऐसा माना जाता है कि डायरेक्ट सेलिंग एक सबसे अच्छा तरीका है जिसके द्वारा व्यापारी अपने बिज़नेस का प्रमोशन और मार्केटिंग कर सकता है। इस तकनीक को अपनाने से व्यापारी एक अच्छा खासा मार्केटिंग पर होने वाला खर्च भी बचा लेता है और अपने ग्राहकों से सीधा संपर्क में आ जाता है।

#6. मीडिया मार्केटिंग (Media Marketing In Hindi)

अपने व्यापार को बढ़ाने के लिए आजकल ज्यादातर बिजनेसमैन मीडिया मार्केटिंग का सहारा लेने लगे हैं। मीडिया मार्केटिंग में बहुत सारे तरीके आते हैं जिनके द्वारा बिजनेसमैन अपने व्यापार को और आगे बढ़ा सकते हैं और एक अच्छा प्रमोशन कर सकता हैं। मीडिया मार्केटिंग में आने वाले तरीके कुछ इस प्रकार हैं:

#7. पॉइंट ऑफ परचेस मार्केटिंग (Point Of Purchase Marketing In Hindi)

पॉइंट ऑफ परचेस मार्केट या फिर पॉइंट ऑफ सेल्स मार्केटिंग (Sales Marketing In Hindi) एक प्रकार की तकनीक है जिसमें प्रोडक्ट को बेचते समय ग्राहकों को दूसरे प्रोडक्ट के लिए भी जानकारी दी जाती है ताकि वह उनकी तरफ आकर्षित हो और उन्हें भी खरीदे। इस तकनीक में व्यापारी का एक ही उद्देश्य होता है कि ग्राहक ज्यादा से ज्यादा प्रोडक्ट या सर्विस खरीदे और बिज़नेस का फायदा हो।

#8. इंटरनेट मार्केटिंग (Internet Marketing In Hindi)

इंटरनेट मार्केटिंग सिर्फ एक ही प्रकार की नहीं होती। इंटरनेट मार्केटिंग में बहुत सारे तरीके आ जाते हैं जैसे कि सोशल मीडिया मतलब फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर जैसी वेबसाइट का सहारा लेकर व्यापारी अपने व्यापार, प्रोडक्ट ओर सर्विस का प्रोमोशन करते हैं। इसके अलावा ईमेल और ब्लॉगिंग की सहायता से भी मार्केटिंग की जाती है। इस मार्केटिंग तकनीक में इंटरनेट का मुख्य रोल होता है।

#9. पेड़ मीडिया एडवरटाइजिंग (Paid Media Advertising In Hindi)

जब कभी व्यापारी अपने व्यापार की मार्केटिंग जल्दी और कम समय में करना चाहता है तब वह पेड़ मीडिया की मदद लेता है। पेड़ मीडिया एक सबसे आसान और तेज तरीका है जिसके द्वारा एक व्यापारी अपने व्यापार का प्रोमोशन कर सकता है। पेड़ मीडियम एडवरटाइजिंग करने के लिए व्यापारी को एक मूल्य देना पड़ता है जिसे वे जल्दी वसूल भी लेता है। पेड़ मीडिया एडवरटाइजिंग में पेड़ सोशल, डिस्पले एडवरटाइजिंग, टीवी, रेडियो, न्यूज़, बिलबोर्ड, प्रिंट एड आदि जैसे साधन आते हैं।

#10. वर्ड ऑफ माउथ एडवरटाइजिंग (Word Of Mouth Advertising In Hindi)

दोस्तों आजकल जब मार्केटिंग करने की बात आती है तो हर व्यक्ति और हर व्यापारी सबसे पहले इंटरनेट का सहारा लेने की सोचता है। इंटरनेट पर मार्केटिंग करने का एक सबसे बड़ा फायदा यह है कि जरूरी नहीं है आपको लोगों या ग्राहकों के सामने आकर ही बात करनी है। आप अपनी सोशल साइट या ब्लॉग या फिर आर्टिकल की मदद से लोगों तक अपनी बात पहुंचा सकते हैं।

इसके लिए आप फेसबुक या फिर व्हाट्सएप जैसी एप्लीकेशन और वेबसाइट का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। जैसे कि अगर कोई सोशल साइट पर आपसे किसी भी प्रकार की मदद मांगता है या कोई सुझाव मांगता है तो आप उसे उसके बारे में अपने प्रोडक्ट को लेकर जानकारी दे सकते हैं। इस तरह से आप सामने वाले व्यक्ति को सुझाव तो देते ही हैं और अपने प्रोडक्ट की मार्केटिंग भी कर लेते हैं।

तो दोस्तों यह थे कुछ बेहतरीन तरीके जिनके द्वारा आप अपने बिज़नेस की मार्केटिंग कर सकते हैं। हम आशा करते हैं कि आपको हमारी दी गई जानकारी पसंद आई होगी और आप इसे अपने बिज़नेस की मार्केटिंग करने के लिए उपयोग करेंगे। अगर आपके मन में हमारे द्वारा दी गई जानकारी के बारे में कोई भी सवाल या सुझाव है तो आप वह हमें नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में लिख कर बता सकते हैं, हमें आपके सुझावों को जानकर प्रसन्नता होगी।

इसी के साथ हम आपको यह भी बता दे कि यदि आप अपना खुद का बिज़नेस शुरू करने का सोच रही हैं और उलझन में हैं कि इसकी शुरुआत कहां से और कैसे करें तो SHEROES के मंच के द्वारा महिलाओं के लिए एक स्पेशल प्लेटफार्म को लांच किया गया हैं जिसका नाम है SHECO। इस प्लेटफार्म पर कोई भी महिला रजिस्टर करके सामान को बेच सकती हैं और खरीद सकती हैं। तो फिर आप भी पीछे क्यों रहें? बस इस लिंक पर क्लिक करें और कर दे रजिस्टर और बन जाए स्वयं में आत्म-निर्भर।

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Kanika Gautam
An ardent writer, a serial blogger and an obsessive momblogger. A writer by day and a reader by night - My friends describe me as a nocturnal bibliophile. You can find more about me on yourmotivationguru.com

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