अगर आप गर्दन के दर्द से परेशान है तो अभी इसे पढ़ें

कुछ वर्षों पहले तक जिन बिमारियों के बारे में किसी ने सोचा भी नहीं था आज वे हमारी ज़िन्दगी का हिस्सा बनती जा रहीं हैं। ये शारीरिक समस्याएं जैसे जोड़ो में दर्द, पीठ में दर्द, गर्दन दर्द करना इत्यादि कभी-कभी इतने दर्दनाक होते हैं कि जिसे सहन करना लगभग नामुनकिन ही हो जाता है। शरीर पर लगी चोट अथवा बुखार आदि को देख कर या माप कर बीमारी की स्थिति का अंदाज़ा लगाया जा सकता है पर दर्द की तीव्रता का अंदाज़ा केवल दर्द सहने वाला ही लगा सकता है।

इसी तरह की एक बहुत परेशान करने वाली बीमारी है गर्दन में दर्द का होना, यह एक हड्डियों से जुड़ी समस्या है। यह बीमारी कंधों, गर्दन आदि में गंभीर दर्द देती है व यह समस्या किसी को भी हो सकती है। वर्तमान समय में अनियमित दिनचर्या और अनिश्चित जीवनशैली के चलते अधिकतम लोग सर्वाइकल स्पांडिलाइसिस के शिकार हैं। इसलिए हम सभी को इसकी वजह, लक्षण और घरेलू उपचारों की जानकारी होनी ही चाहिए।

क्या है सर्वाइकल स्पॉन्डिल्यासीस?

सर्वाइकल स्पांडिलाइसिस गर्दन और रीढ़ की हड्डी की बीमारी है । यह बीमारी आम तौर पर गर्दन झुका कर काम करने वालों को होती है। कार्यालय में बैठकर गर्दन झुका कर कई घंटों लगातार काम करने वाले, लगातार एक स्थिति में पढ़ने वाले या टेबल-कुर्सी पर बैठ कर काम करने वाले अधिकतर लोग इसके शिकार हो जाते हैं। दूसरी ओर, आजकल स्मार्ट फोन पर देर तक गर्दन झुकाकर, सर और गर्दन को अनुचित स्थिति में रखने से भी इसकी समस्या बहुत बढ़ रही है।

वैज्ञानिक तथ्य एवं कारण

निम्नलिखित कारणों से भी सर्वाइकल स्पान्डिलाइटस होने की संभावना बढ़ सकती है:

क्विक ट्रिक्स

क्या हैं सर्वाइकल स्पांडिलाइसिस के प्रमुख लक्षण?

सर्वाइकल स्पांडिलाइटिस की जाँच

सर्वाइकल स्पांडिलाइटिस एक गंभीर रोग है, इसलिए इसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। इसके लक्षणों को भांपते ही तुरंत मेडिकल जाँच बहुत आवश्यक है। इस रोग की पुष्टि करने के लिए कुछ जाँचें की जा सकती है, जैसे कि:

क्या है सर्वाइकल स्पांडिलाइटिस का सही उपचार?

#1. औपचारिक उपचार

डॉक्टर की सलाह से दर्द कम करने की एलोपैथिक दवाईयों के सेवन से शरीर को आराम मिल जाता है और सभी काम सुचारु रूप से कर पाते हैं। गर्दन के आस पास की मांसपेशियों में हो रही ऐंठन को कम करने के लिए भी ये दवाईयाँ बहुत सहायक रहतीं हैं। इसके अतिरिक्त मेडिकेटिड गर्दन की बेल्ट के प्रयोग से गर्दन की गतिविधियों को नियंत्रित किया जा सकता है और दर्द में आराम मिलता है। ऑपरेशन्स की मदद से भी नस पर पड़ते हुए दबाव को कम किया जाता है।

#2. फिजियोथेरेपी

इस प्रक्रिया से मरीज़ की बीमारी को लंबे समय तक बने रहने से रोकता है, साथ ही दवाइयों की मात्रा भी कम हो जाती है। यहाँ तक कि सर्वाइकल स्पांडिलाइटिस की असहनीय पीड़ा को दोबारा होने से भी रोकता है।

#3. जीवनशैली में उचित बदलाव

सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटस के लक्षणों की पुष्टि हो जाने के बाद मरीज़ को अपनी जीवनशैली में कुछ उचित बदलाव कर लेने चाहिए। जिन कामों को करने से दर्द महसूस होता हो या उस काम को करने के कुछ समय बाद दर्द होता हो उन सभी का परहेज़ करना अति आवश्यक हैं। कुछ ऐसे काम जिनको अपने जीवन का हिस्सा बना लिया जाये तो दर्द में आराम मिल सके और शायद धीरे-धीरे बीमारी बिल्कुल ही ठीक हो सके उन्हें अपने जीवन में बिना देर किये शामिल कर लेना चाहिए।

क्या करें:

क्या ना करें:

सर्वाइकल स्पांडिलाइटिस के लिए व्यायाम और योगासन

सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटस को योग अथवा व्यायाम द्वारा ठीक किया जा सकता है। पहले कुछ दिन योग अथवा व्यायाम के विशेषज्ञों से अच्छी तरह सीख कर फिर प्रतिदिन स्वयं करने से बहुत लाभ मिलता है। कुछ सामान्य व्यायाम निम्नलिखित हैं:

व्यायाम: सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटस में किये जाने वाले मुख्य व्यायाम गर्दन और सर की मांसपेशियों को आराम देने और सर्वाइकल वर्टिब्रा यानि गर्दन की हड्डियों का लचीलापन बढ़ाने में मदद करते हैं। प्राथमिक तौर पर निम्न 3 व्यायाम करने से बहुत लाभ मिलता है।

योगासन: इसके अतिरिक्त कुछ योगासन भी आपको सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटस की पीड़ा में आराम दिला सकते हैं जैसे कि भुजंगासन, नौकासन, धनुरासन आदि।

नोट: ऊपर बताए गए व्यायाम अथवा योगासन अपने डॉक्टर की सलाह से ही करें और ध्यान रखें कि इन व्यायामों को डॉक्टर के बताये व्यायामों के बदले बिल्कुल ना करें। कृपया व्यायाम अथवा योग प्रशिक्षक के सानिध्य में ही करें। व्यायाम करते हुए यदि आपको दर्द या कोई और परेशानी महसूस हो तो तुरंत व्यायाम करना बंद कर दीजिये और जितनी जल्दी हो सके डॉक्टर से संपर्क अवश्य कर लें।

सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटस एक गंभीर समस्या है और इसका इलाज बहुत आवश्यक है। कृपया इसे नज़रअंदाज़ न करें और अपना ध्यान रखें,क्योंकि यह शरीर और इसकी स्वस्थता इंसान की सबसे बड़ी पूंजी है।

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Ramandeep
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